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भारतीय शास्त्रीय संगीत की विदेशों में धूम, वागड़ के इक़बाल रत्न शाहीन सिखा रहे भारतीय राग, ताल और वाद्य संगीत

बांसवाड़ा, 16 जुलाई।
बांसवाड़ा के युवा संगीतकार शाहीन भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं। वर्तमान में वे पोलैंड में विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में यूरोप के विभिन्न देशों के विद्यार्थी भारतीय राग, ताल और पारंपरिक वाद्य संगीत की बारीकियां सीख रहे हैं।
शाहीन पिछले लगभग एक दशक से यूरोप के कई देशों में भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां देकर अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं। उन्होंने नीदरलैंड, पोलैंड और जर्मनी सहित अनेक देशों में संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं। उनकी प्रस्तुतियों को वहां के संगीत प्रेमियों ने सराहा है, जिसके बाद भारतीय संगीत सीखने की रुचि रखने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ी है।
शाहीन का संबंध संगीत परंपरा से जुड़े परिवार से है। उनके दादा अहमद हुसैन प्रतिष्ठित गायक रहे हैं, जबकि उनके पिता इकबाल परवेज भी संगीत से जुड़े रहे हैं। संगीत की प्रारंभिक शिक्षा शाहीन ने बांसवाड़ा में ही प्राप्त की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए संगीत में एमए किया।
शाहीन का कहना है कि यूरोप में भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। विदेशी विद्यार्थी विशेष रूप से भारतीय रागों, ताल प्रणाली और पारंपरिक वाद्य यंत्रों को सीखने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। उनका मानना है कि भारतीय संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का सशक्त परिचायक भी है।
बांसवाड़ा के इस युवा संगीतकार की उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय है। भारतीय शास्त्रीय संगीत के माध्यम से वे विदेशों में भारतीय संस्कृति का प्रभावी प्रतिनिधित्व करते हुए नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शाहीन के पिता इकबाल परवेज भी क्षेत्र के अग्रणी शिक्षाविद और संगीतकार के रूप में प्रख्यात रहे हैं।

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