एनएसआईटी, आईएफएससीएस में नए शैक्षिक सत्र पर “दीक्षारंभ 2026” का आयोजन

स्वामीजी ने किया सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर लैब का उद्घाटन
- अहमदाबाद से लय द्विवेदी
राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU), गांधीनगर, गुजरात से संबद्ध नरनारायण शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी – इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड साइबर सिक्योरिटी (एनएसआईटी, आईएफएससीएस)
जेतलपुर अहमदाबाद में संस्थान के मुख्य संरक्षक शास्त्री स्वामी आत्मप्रकाश दासजी के सानिध्य एवं श्रीजनमंगल स्वामी एवं संस्थान उपाध्यक्ष धर्मेश वंड्रा मार्गदर्शन में नए शैक्षिक सत्र के शुभारंभ पर “दीक्षारंभ 2026” विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों के लिए सीखने, ज्ञान अर्जन और व्यावसायिक विकास की नई यात्रा के शुभारंभ के प्रतीक के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
संस्थान प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सैलेश अय्यर ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम एनएसआईटी कैंपस, अहमदाबाद स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की प्रेरणादायी थीम — “ज्ञान की पहली किरण से एक नए भविष्य की शुरुआत होती है।” रखी गई है। इस कार्यक्रम में विभिन्न व्यावसायिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट अतिथियों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही है। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथियों में ध्रुव पंडित, प्रो. (डॉ.) रॉबर्ट ग्रीन, डॉ. मधुसूदन आर.एन. तथा विजय मांडोरा शामिल हैं।
प्रख्यात हस्तियों की उपस्थिति से विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, व्यावसायिक विकास तथा प्रौद्योगिकी, फॉरेंसिक साइंस और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में उभरते अवसरों के संबंध में महत्वपूर्ण अनुभव, प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि “दीक्षारंभ 2026” विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा को एक मजबूत एवं प्रेरणादायी शुरुआत प्रदान करने के संस्थान के संकल्प को दर्शाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें विद्यार्थी संस्थान के दृष्टिकोण से जुड़ सकें, ज्ञान एवं नवाचार के महत्व को समझ सकें तथा भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें। यह कार्यक्रम एनएसआईटी, आईएफएससीएस अहमदाबाद में इस उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है कि विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शिक्षा एवं व्यक्तिगत विकास के नए चरण में प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

कैंपस डायरेक्टर संजय शर्मा ने बताया कि इस दौरान संस्थान में सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर लैब का उद्घाटन स्वामीजी एवं अतिथियों द्वारा किया गया। यह साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में व्यावहारिक शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एसओसी लैब का उद्घाटन संस्थान की शैक्षणिक एवं तकनीकी पहलों के अंतर्गत किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को तेजी से बदलते साइबर खतरों और डिजिटल सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना है। नवस्थापित यह सुविधा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को रियल-टाइम साइबर थ्रेट मॉनिटरिंग, सिक्योरिटी इंफॉर्मेशन एंड इवेंट मैनेजमेंट, साइबर घटनाओं की पहचान एवं प्रतिक्रिया, नेटवर्क सिक्योरिटी मॉनिटरिंग, डिजिटल फॉरेंसिक्स तथा वल्नरेबिलिटी असेसमेंट सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगी। एसओसी लैब साइबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण, शैक्षणिक परियोजनाओं, अनुसंधान गतिविधियों, कार्यशालाओं, साइबर ड्रिल्स और कैप्चर-द-फ्लैग अभ्यासों को भी सहयोग प्रदान करेगी। इससे संस्थान में अनुभवात्मक शिक्षा और नवाचार के लिए एक प्रभावी इकोसिस्टम विकसित होगा।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर संस्थान ने कुशल साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स तैयार करने के महत्व पर प्रकाश डाला, जो महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करने तथा उभरते साइबर खतरों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम हों। एसओसी लैब की स्थापना संस्थान के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप सीखने के अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सुविधा साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फॉरेंसिक्स, कंप्यूटर साइंस और उभरती प्रौद्योगिकी से जुड़े अन्य क्षेत्रों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगी।
एसओसी लैब का उद्घाटन संस्थान के उस दृष्टिकोण को और मजबूत करता है, जिसके तहत विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि वे भारत के तेजी से विकसित हो रहे साइबर सिक्योरिटी इकोसिस्टम में प्रभावी योगदान दे सकें। यह जानकारी संस्थान महाविद्यालय प्राध्यापक डॉ. विशाली शर्मा ने दी।
