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बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भावी डॉक्टरो को समर्पित सेवा का संदेश

साल इंस्टीट्यूट द्वारा अहमदाबाद में स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग अभियान प्रारंभ

साल इंस्टीट्यूट द्वारा अहमदाबाद में स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग अभियान प्रारंभ

अहमदाबाद से लय द्विवेदी, 18 जून।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में देशभर में चल रहे जन जागरण अभियान के तहत साल इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज के तत्वावधान में योग जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत बुजुर्गों की देखभाल को लेकर भावी डॉक्टरो को समर्पित सेवा का संदेश देने के लिए स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग अभियान की अनूठी स्वास्थ्य सेवा पहल प्रारंभ की है। इंस्टिट्यूट की ओर से बुजुर्गों की बढ़ती स्वास्थ्य समस्या को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्रों को देश के बुजुर्गों में सामान्यतः पाई जाने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और मूल्यांकन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया है तथा इसके माध्यम से चिकित्सा शिक्षा और सामुदायिक सेवा में समन्वय करते हुए अहमदाबाद में वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ वृद्धावस्था की ओर प्रेरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इंस्टिट्यूट के सीईओ डॉ नितिन शाह एवं डीन डॉ जयेंद्र सिंह जडेजा ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए अनुकूल वातावरण व बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए संस्थान द्वारा प्रभावी ढंग से प्रयास किया जा रहे हैं। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ ही वरिष्ठ नागरिकों से सीधा संवाद कर उनमें सहानुभूति, संचार कौशल और वृद्धावस्था की चुनौतियों को समझने की क्षमता विकसित करने के लिए भी प्रयास करेगा। इस मामले में विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस प्रकार के सामुदायिक अनुभव सामाजिक रूप से उत्तरदाई और कुशल चिकित्सको के निर्माण में भी महत्वपूर्ण है इसलिए एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ा गया है। संस्थान की इस पहल से अनेक वरिष्ठ नागरिकों को लाभ एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शन मिलने का अनुमान है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ हर्ष पटेल द्वारा अतिरिक्त डीन तथा विभाग के अन्य संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तहत छात्रों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे केवल शारीरिक रोगों का ही में बल्कि बुजुर्गों के सामाजिक मानसिक, पोषण एवं कार्यात्मक स्वास्थ्य का भी प्रभावी ढंग से मूल्यांकन करें। इस अभियान में विशेष रुचि लेकर सक्रिय भागीदारी दिखाने वाले छात्रों में बैंकर यात्री, अफशान आलम, प्रीतिका चंदावत, त्रिशला भंडारी, रिद्धिमा गर्ग शामिल है जिन्होंने प्रशिक्षण और सामुदायिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक योगदान किया है। इंस्टिट्यूट के इस अभियान के माध्यम से जिन विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है उनमें शारीरिक स्वास्थ्य एवं दीर्घकालीन रोग, दैनिक गतिविधियों में स्वतंत्रता, मानसिक स्वास्थ्य एवं संज्ञानात्मक क्षमता, पोषण की स्थिति, गिरने के जोखिम व शारीरिक दुर्बलता, सामाजिक एवं भावनात्मक सहयोग प्रणाली आदि शामिल है। अभियान के तहत इंस्टिट्यूट के विद्यार्थी शीघ्र ही वृद्धाश्रमो का दौरा करेंगे, जहां संस्थान के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित मेडिकल छात्र स्वास्थ्य जांच करते हुए संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करेंगे तथा स्वस्थ बने रहने के लिए जागरूकता का संदेश देते हुए उचित स्वास्थ्य सेवाओ के लिए मार्गदर्शन व रेफरल व्यवस्था करने का प्रयास करेंगे।
संस्थान का यह कार्यक्रम जन स्वास्थ्य के समक्ष आ रही चुनौतियों का समाधान करने के साथ ही भविष्य के स्वास्थ्य पेशेवरों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां समझने एवं समर्पित सेवाएं देने के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है। साल संस्थान के मार्गदर्शकों का मानना है कि जब युवा मेडिकल छात्र अपनी कक्षा से निकलकर समाज के बीच पहुंचेंगे तो ऐसे भविष्य के निर्माण में योगदान करेंगे जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, देखभाल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो। साल इंस्टिट्यूट देश, प्रदेश व समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां को समझते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रहा है। इसी के साथ चल रहे स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग का अभियान यही संदेश देता है। अभियान के माध्यम से बुजुर्गों की देखभाल सिर्फ उनके उपचार तक सीमित न रहे, उनकी आवश्यकताओं को समझने और उनके पास पहुंचने का प्रयास भी करना है यही संदेश दिया जा रहा है। साल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज अहमदाबाद अपने संस्थान में भविष्य के डॉक्टरो को प्रशिक्षित करने के साथ उन्हें समाज को समर्पित सेवाएं देने व बुजुर्गों की देखभाल करने का भी संदेश दे रहा है यह समय की आवश्यकता भी है और जिम्मेदारी भी। संस्थान के नेतृत्वकर्ता राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्य व जिम्मेदारियां के अनुरूप बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं, यह अभियान विद्यार्थियों को भी एक सकारात्मक संदेश दे रहा है।

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