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नवभारत साक्षरता- शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम

जयपुर। आज के बदलते दौर में केवल पढ़ना-लिखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक, डिजिटल, वित्तीय और कानूनी रूप से जागरूक होना भी उतना ही आवश्यक है। पंद्रह साल से अधिक की आयु के असाक्षरों को साक्षर व जागरूक बनाने के लिए वर्तमान में देश में नवभारत साक्षरता का अभियान संचालित किया जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप चलाए जा रहे इस अभियान के राजस्थान में प्रभावी संचालन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का विशिष्ट मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश में इसी उद्देश्य को लेकर नवभारत साक्षरता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पंद्रह वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाना है, जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गए थे।
नवभारत साक्षरता अभियान केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करता है। अभियान के अंतर्गत पढ़ना, लिखना और गणना का ज्ञान देकर व्यक्ति को दैनिक जीवन के कार्यों के लिए तैयार किया जाता है। इससे सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, दस्तावेज़ पढ़ने, आवेदन भरने तथा बैंकिंग संबंधी कार्यों को स्वयं करने में सुविधा मिलती है।
आज डिजिटल तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऑनलाइन भुगतान, मोबाइल बैंकिंग, सरकारी पोर्टल और डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित उपयोग करना समय की आवश्यकता बन चुका है। इसलिए अभियान में डिजिटल एवं व्यावसायिक कौशल पर भी विशेष बल दिया गया है, जिससे लोग तकनीक का सही उपयोग कर सकें और साइबर धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से बचाव कर सकें। अभियान का एक महत्वपूर्ण पक्ष स्वास्थ्य जागरूकता भी है। स्वच्छता, टीकाकरण, पोषण, रोगों की रोकथाम तथा समय पर उपचार जैसी जानकारियां व्यक्ति और परिवार के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसके साथ ही नागरिकों को राष्ट्रीय, पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया जाता है। समाज और राष्ट्र के विकास में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। शिक्षित व्यक्ति न केवल अपने अधिकारों को समझता है, बल्कि अपने कर्तव्यों का भी जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करता है।
कानूनी और वित्तीय साक्षरता भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। नागरिकों को कानून, उपभोक्ता अधिकार, बैंकिंग, बचत, ऋण, बीमा तथा वित्तीय योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाता है। इससे वे ठगी और धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से भी बच सकते हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय सही निर्णय लेने और सुरक्षित रहने के लिए आपदा प्रबंधन का ज्ञान भी आवश्यक है। वहीं यातायात नियमों की जानकारी सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देती है और दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक होती है।
नवभारत साक्षरता अभियान का उद्देश्य केवल साक्षरता बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक तैयार करना है जो आधुनिक भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप जीवन जी सकें। उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाना तथा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। राजस्थान में उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेशभर में संचालित सर्वे अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। प्रदेश के निर्धारित लक्ष्य के विपरीत 80% से ज्यादा लर्नर्स के चिन्हीकरण का कार्य पूर्ण हो गया है तथा प्रदेश में कई जिलों की उपलब्धि शत प्रतिशत हो गई है वहीं अन्य जिलों में भी कार्य को गति से पूरा करवा कर निर्धारित लक्ष्य को अर्जित करने का प्रयास किया जा रहा है।

पात्र लोगों को जागरूक बनाएं

जनजाति बहुल क्षेत्र बांसवाड़ा जिले में जिला कलेक्टर एवं जिला साक्षरता निष्पादन समिति के अध्यक्ष डॉ इंद्रजीत यादव के दिशा निर्देशन में नवभारत साक्षरता अभियान के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य को शत प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है तथा इससे संबंधित गतिविधियों का प्रभावी ढंग से संचालन किया जा रहा है। जिला कलेक्टर डॉ यादव का कहना है कि नवभारत साक्षरता अभियान देश के वयस्क असाक्षरों को डिजिटली जागरूक व साक्षर बनाने और अपने अधिकार व कर्तव्य को प्रति सजग बनने का संदेश देता है अतः इस अभियान से सभी पात्र लोगों को जोड़कर जागरूक बनाया जाए। इन वर्षों के दौरान नवभारत साक्षरता अभियान के तहत आयोजित मूल्यांकन में भी लर्नर्स की प्रभावी उपस्थिति रही है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार रावल ने बताया कि जिले में विभिन्न ब्लॉक हेतु जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार लक्ष्य का निर्धारण कर सर्वेयरों के माध्यम से सर्वे कार्य पूर्ण करवाया गया है तथा इससे संबंधित कार्यों को समय पर पूरा करने का प्रयास किया गया है। समस्त मुख्य ब्लॉक जिला शिक्षा अधिकारियों व सहयोगियों के सहयोग व साक्षरता प्रतिनिधियों के समन्वय से जिले की उपलब्धि अच्छी रही है।

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