
अहमदाबाद, 16 जून। नरनारायण शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, फॉरेंसिक साइंस एंड साइबर सिक्योरिटी एवं नरनारायण शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग द्वारा शिक्षकों के लिए वित्तीय सशक्तिकरण (फाइनेंशियल वेलनेस एन्हांसमेंट) कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को संस्थान परिसर में किया गया। एडवाइजर्स स्किल्स डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (एएसडीओ) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना तथा उन्हें बेहतर वित्तीय नियोजन के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेबी- एनआईएसएम पैनल प्रशिक्षक एवं वित्तीय विशेषज्ञ अरुण चौबे रहे।
संस्थान के प्राचार्य डॉ सैलेश अय्यर के सानिध्य एवं कैंपस डायरेक्टर संजय शर्मा की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्तीय विशेषज्ञ अरुण चौबे ने व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन, निवेश योजना, धन सृजन, जोखिम प्रबंधन तथा दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
अपने संबोधन में अरुण चौबे ने वित्तीय अनुशासन, सोच-समझकर निवेश करने तथा व्यवस्थित वित्तीय योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए सही निवेश निर्णय और दीर्घकालिक योजना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने विभिन्न निवेश विकल्पों एवं संपत्ति प्रबंधन की प्रभावी रणनीतियों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य डॉ विशाली शर्मा, डॉ गीता गुप्ता, डॉ कुलदीप पुरोहित, डॉ खुशबू गौतम, डॉ निकुंज ताहिलरमानी, डॉ नीलमणि श्रीवास्तव, डॉ विनय आसेरी, डॉ आकाश ठक्कर, डॉ कल्पेश सोलंकी, डॉ सौरभ कपूर, सुश्री मीनल शाह, सुश्री पूजा पंड्या, अनंत पाटिल सहित संस्थान के नर्सिंग इंस्टिट्यूट के प्रतिनिधीगण आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विभिन्न वित्तीय विषयों पर अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए। संवादात्मक सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को समकालीन वित्तीय नियोजन की अवधारणाओं को समझने और अपने वित्तीय स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का अवसर मिला।
संस्थान प्रबंधन एवं संकाय सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए एडवाइजर्स स्किल्स डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन का आभार व्यक्त किया तथा अरुण चौबे द्वारा दिए गए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी मार्गदर्शन की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान ने शिक्षकों के व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रस्तुतीकरण डॉ. कुलदीप पुरोहित ने किया।
