
अहमदाबाद से लय द्विवेदी, 5 जून l
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर साल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण शपथ एवं जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थान के सामुदायिक चिकित्सा विभाग (कम्युनिटी मेडिसिन) एवं फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान आयोजित कार्यक्रम में सीईओ डॉ. नितिन शाह, डीन डॉ. जयेंद्रसिंह जडेजा तथा अतिरिक्त डीन डॉ. विजय पंड्या का मार्गदर्शन एवं सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में 45 संकाय सदस्य, 110 मेडिकल विद्यार्थी सहित संस्थान प्रतिनिधि मौजूद रहे ।
सीईओ डॉ. नितिन शाह मैं अपने संबोधन में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने तथा अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हमारे जीवन के लिए आवश्यक है क्योंकि पौधे वातावरण में ऑक्सीजन के निर्माण का महत्वपूर्ण स्रोत है तथा वातावरण में तापमान बढ़ाने वाले कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण भी पौधे करते हैं अतः पौधरोपण, इनकी सुरक्षा एवं पर्यावरण का संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। सीईओ डॉ. शाह ने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल जागरूकता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक प्रयास भी आवश्यक हैं। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण तथा हरित जीवनशैली अपनाने पर बल दिया।
अपने संबोधन में डॉ. जयेंद्रसिंह जडेजा ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती गर्मी, हीटवेव और जलवायु परिवर्तन मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य की रक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
अतिरिक्त डीन डॉ. विजय पंड्या ने विद्यार्थियों के उत्साह और सहभागिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भावी चिकित्सकों के रूप में उनकी जिम्मेदारी केवल रोगों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पर्यावरण संरक्षण शपथ ग्रहण समारोह रहा, जिसमें 45 संकाय सदस्यों एवं 110 मेडिकल विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे पर्यावरण की रक्षा करेंगे, जल एवं ऊर्जा जैसे प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे, कचरे को कम करने, पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देंगे, एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचेंगे, वृक्षारोपण एवं वृक्ष संरक्षण करेंगे तथा जैव विविधता एवं स्वच्छता को प्रोत्साहित करेंगे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने बढ़ती हीटवेव और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित वनों की कटाई, बढ़ता प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन पर्यावरणीय असंतुलन के प्रमुख कारण हैं। यदि वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण को गंभीरता से नहीं अपनाया गया, तो भविष्य में हीटवेव की समस्या और अधिक विकराल रूप धारण कर सकती है।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण को लेकर जन जागरूकता का संचार करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
“पर्यावरण बचाओ, जीवन बचाओ”
का संदेश देते हुए कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी बनना चाहिए। भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करने के लिए आज से ही ठोस प्रयास आवश्यक हैं।
