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विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष

पौधारोपण व संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में असहनीय होगा हीटवेव का प्रकोप

  • लय द्विवेदी पिछले दिनों देश और दुनिया के कई इलाकों में सामान्य तापमान की असहनीय बढ़ोतरी देखने को मिली थी l कई क्षेत्रों में दोपहर के समय तापमान की अत्यधिक बढ़ोतरी के चलते कई लोग स्वास्थ्य समस्याओं का भी शिकार हुए और सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ नजर आया l समाचार पत्रों में भी हीटवेव के प्रकोप को लेकर काफी खबरों का प्रकाशन हुआ तथा ऐसे मौसम के दौरान सरकार ने भी आमजन से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का संदेश दिया l हीटवेव के इस प्रकोप का सामान्य अर्थ देखें तो वातावरण के सामान्य तापमान में इतनी बढ़ोतरी होना जो हमारे शरीर के अनुकूल नहीं है और हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालने की संभावना बनती है l वातावरण के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और प्रतिवर्ष अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड बनता जा रहा है l इन सभी स्थितियां के कारणों से हम अनजान हैं ऐसा नहीं है। प्राकृतिक संतुलन एवं पर्यावरणीय व्यवस्थाओं के प्रभावित होने के कारण यह तापमान बढ़ता जा रहा है l घटते वन और पौधे तथा बढ़ती आबादी क्षेत्र के साथ वैज्ञानिक तकनीकी विकास से उपलब्ध सुविधाओं के उपयोग से बनने वाले विभिन्न उत्पाद इस समस्या के मूल में है।

बात करें पर्यावरण की तो हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया जाता है l इस दिवस पर पर्यावरण के संरक्षण को लेकर विभिन्न आयोजन होते हैं ताकि आमजन पर्यावरण के प्रति जागरूक बने और पर्यावरण संरक्षण में अपने प्रभावी भूमिका का निर्वहन कर सके। पर्यावरण के प्रभावित होने के कारण की बात करें तो लगातार घटते वन, बढ़ता प्रदूषण, प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित उपयोग तथा जलवायु परिवर्तन आदि प्रमुख है। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए प्रकृति के साथ समन्वय व संतुलित जीवन यापन तथा पर्यावरण का पर्याप्त संरक्षण करने हेतु पौधोंरोपण के साथ उपलब्ध वन संपदा की सुरक्षा करना आवश्यक है l पृथ्वी पर उपलब्ध वन संपदा हमारे जीवन के आधार ऑक्सीजन के निर्माण का प्रमुख स्रोत है तथा वातावरण में गर्मी को बढ़ाने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को नियंत्रित करने के माध्यम है l घटते वनों के कारण न केवल वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है बल्कि वातावरण का संतुलन भी प्रभावित होता है l

पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न आयोजन होते हैं तथा पौधरोपण भी किया जाता है लेकिन पौधों को रोपने के बाद उनके संरक्षण एवं उनके विकसित होने की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है l इसी तरह वर्तमान में उपलब्ध वन संपदा हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण है l इस वन संपदा को सुरक्षित बनाए रखना भी हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है इस पर ध्यान दिए जाने की भी आवश्यकता है l पेड़ पौधे पक्षियों का भी निवास है और पृथ्वी के संतुलन में सभी का महत्वपूर्ण योगदान है l पेड़ पौधों की कमी के चलते पक्षियों के भी जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है इसमें कोई संदेह नहीं है l मानव जीवन के लिए पृथ्वी की समस्त अनुकूल व्यवस्था में प्रकृति का महत्वपूर्ण योगदान है एवं विभिन्न प्राकृतिक व्यवस्थाओ के समन्वय से ही समस्त कार्य प्रभावी ढंग से संचालित होते है अतः प्रकृति की व्यवस्थाओं में मानव का हस्तक्षेप किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है l
कुल मिलाकर पर्यावरण की सुरक्षा एवं पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए पौध रोपण व पौध संरक्षण हम सब की जिम्मेदारी है और इसे प्रभावी ढंग से पूर्ण करना होगा अन्यथा हमारी भावी पीढ़ीयो को हम बेहतर व संतुलित प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध नहीं करवा पाएंगे l

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