
अपराध नियंत्रण का कारगर माध्यम बनती जा रही है फॉरेंसिक साइंस!
* लय द्विवेदी
विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में हुई प्रगति से देश और दुनिया में काफी परिवर्तन आए हैं और जीवन के हर क्षेत्र में व्यवस्थाओं व सुविधाओं में बदलाव आया है l जहां तक कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की बात है तो नई तकनीकी के विकास का सकारात्मक और नकारात्मक दोनों क्षेत्रों में उपयोग होता है इसमें कोई संदेह नहीं है l जहां नई तकनीकी का उपयोग कर अपराधों से जुड़े लोग अपने कामों को अंजाम देते हैं वहीं पुलिस प्रशासन नई तकनीकी के माध्यम से अपराधियों को पकड़ने में भी कामयाब होती है l फॉरेंसिक साइंस तथा साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में हुई प्रगति से अब अपराधों के मामले में अपराधियों तक पहुंचने की व्यवस्था काफी सुगम और सरल बनी है तथा स्पष्ट तथ्य और सबूत के आधार पर अपराधियों की पहचान करने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है l
फॉरेंसिक साइंस (Forensic Science) की बात करें तो यह विज्ञान की वह शाखा है जिसमें वैज्ञानिक सिद्धांतों और तकनीकों का उपयोग अपराधों की जांच की जाती हैं, विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध सबूतो व साक्ष्यों का परीक्षण किया जाता है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध तथ्यों की सत्यता को साबित किया जा सके । अपराधों की जांच से लेकर अपराधियों की धर पकड़ तक फॉरेंसिक साइंस जांच करने वाली एजेंसियों तथा पुलिस के साथ ही न्यायालय मैं सत्य प्रमाणित करने में मददगार है।
फॉरेंसिक साइंस के तहत फॉरेंसिक से जुड़े विज्ञान के विभिन्न विषयों का अध्ययन किया जाता है जिससे फॉरेंसिक साइंस की प्रक्रिया को प्रभावी बनाकर अपराध की जांच और किसी प्रकरण का तथ्यों के साथ समाधान का मार्ग मार्ग प्रशस्त किया जा सके l इसके अंतर्गत फॉरेंसिक बायोलॉजी, फॉरेंसिक केमिस्ट्री, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, डीएनए परीक्षण, टॉक्सिकोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक आदि विभिन्न विषयों का अध्ययन शामिल है ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान हर विषय से संबद्ध ज्ञान का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सके । किसी भी अपराध की जांच को लेकर अपराध स्थल से प्राप्त साक्ष्यों का विश्लेषण कर यह अनुसंधान किया जाता है कि अपराध को कैसे अंजाम दिया गया, किस तरीके से किसके द्वारा कैसे व कब किया गया l
फॉरेंसिक साइंस के तहत आधुनिक तकनीकों जैसे डीएनए प्रोफाइलिंग, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स और ऑटोमैटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम का उपयोग कर अपराध के बारे में जानकारी लेने, सही जांच करने और निर्णय पर पहुंचने का कार्य किया जाता है l
फॉरेंसिक साइंस विज्ञान की ऐसी शाखा है जो किसी भी प्रकरण को लेकर उसकी तह तक पहुंचाने के लिए कार्य करती है तथा सत्य को सामने लाने के साथ ही अपराधियों की पहचान और न्याय में आमजन का विश्वास बना रहे इस बाबत प्रभावी आधार उपलब्ध कराती है l इसके माध्यम से न केवल सत्य की जानकारी सामने आती है बल्कि अपराधियों को उनके किए की सजा दिलवाने के लिए ठोस सबूत उपलब्ध करवाने के साथ ही निर्दोष लोगों को राहत दिलवाने का भी मार्ग प्रशस्त होता है l फॉरेंसिक साइंस का विषय वर्तमान समय में तकनीकी के क्षेत्र में प्रगतिमान है और देश और दुनिया को हमारे इस क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों तथा उनके द्वारा किए गए अनुसंधानों पर गर्व है जिससे समाज और प्रशासन की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने तथा कानून व न्याय व्यवस्था की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करने में सहयोग मिलता है l
